सूरह Al-Baqarah, आयत 103

2:103

وَلَوۡ أَنَّهُمۡ ءَامَنُواْ وَٱتَّقَوۡاْ لَمَثُوبَةٞ مِّنۡ عِندِ ٱللَّهِ خَيۡرٞۚ لَّوۡ كَانُواْ يَعۡلَمُونَ ١٠٣

और यदि वे सचमुच ईमान लाते और अल्लाह से डरते, तो निश्चय अल्लाह के पास से थोड़ा बदला भी बहुत बेहतर था, काश! वे जानते होते।

तफ़सीर

यदि यहूदी सचमुच अल्लाह पर ईमान लाते, तथा उसकी आज्ञाकारिता करके और उसकी अवज्ञा को त्यागकर उससे डरते; तो अल्लाह का सवाब उनके लिए उससे बेहतर होता, जिसपर वे हैं, यदि वे अपने हित से अवगत होते।