لَقَدۡ خَلَقۡنَا ٱلۡإِنسَٰنَ فِي كَبَدٍ ٤
निःसंदेह हमने मनुष्य को बड़ी कठिनाई में पैदा किया है।
तफ़सीर
हमने मानव जाति की रचना कष्ट और कठिनाई की स्थिति में की है; क्योंकि वह इस दुनिया में कठिनाइयाँ झेलता रहता है।
لَقَدۡ خَلَقۡنَا ٱلۡإِنسَٰنَ فِي كَبَدٍ ٤
निःसंदेह हमने मनुष्य को बड़ी कठिनाई में पैदा किया है।
हमने मानव जाति की रचना कष्ट और कठिनाई की स्थिति में की है; क्योंकि वह इस दुनिया में कठिनाइयाँ झेलता रहता है।