सूरह Al-A'raf, आयत 87

7:87

وَإِن كَانَ طَآئِفَةٞ مِّنكُمۡ ءَامَنُواْ بِٱلَّذِيٓ أُرۡسِلۡتُ بِهِۦ وَطَآئِفَةٞ لَّمۡ يُؤۡمِنُواْ فَٱصۡبِرُواْ حَتَّىٰ يَحۡكُمَ ٱللَّهُ بَيۡنَنَاۚ وَهُوَ خَيۡرُ ٱلۡحَٰكِمِينَ ٨٧

और यदि तुममें से एक समूह उसपर ईमान लाया है, जिसके साथ मैं भेजा गया हूँ और दूसरा समूह ईमान नहीं लाया, तो तुम धैर्य रखो, यहाँ तक कि अल्लाह हमारे बीच निर्णय कर दे और वह सब निर्णय करने वालों से बेहतर है।

तफ़सीर

और यदि तुम में से एक समूह उसपर ईमान लाया है, जो मैं अपने रब की ओर से लाया हूँ और दूसरा समूह उसपर ईमान नहीं लाया, तो (ऐ झुठलाने वालो!) प्रतीक्षा करो कि अल्लाह तुम्हारे बीच क्या निर्णय करता है। वह निर्णय करने वालों में सबसे अच्छा और न्याय करने वालों में सबसे अधिक न्यायशील है।