सूरह Al-A'raf, आयत 56

7:56

وَلَا تُفۡسِدُواْ فِي ٱلۡأَرۡضِ بَعۡدَ إِصۡلَٰحِهَا وَٱدۡعُوهُ خَوۡفٗا وَطَمَعًاۚ إِنَّ رَحۡمَتَ ٱللَّهِ قَرِيبٞ مِّنَ ٱلۡمُحۡسِنِينَ ٥٦

तथा धरती में उसके सुधार के पश्चात्24 बिगाड़ न पैदा करो, और उसे भय और लोभ के साथ25 पुकारो। निःसंदेह अल्लाह की दया अच्छे कर्म करने वालों के क़रीब है।

फ़ुटनोट

24 अर्थात सत्धर्म और रसूलों द्वारा सुधार किए जाने के पश्चात।

25 अर्थात पापाचार से डरते और उस की दया की आशा रखते हुए।

तफ़सीर

तथा पाप करके धरती में बिगाड़ न फैलाओ, जबकि अल्लाह ने रसूलों को भेजकर और उसे केवल अपनी आज्ञाकारिता के साथ आबाद करके उसे सुधारा है। और केवल अल्लाह को पुकारो, उसकी सज़ा से डर महसूस करते हुए, और उसके प्रतिफल के प्राप्त होने की प्रतीक्षा करते हुए। निःसंदेह अल्लाह की दया अच्छे कर्म करने वालों के क़रीब है, अतः तुम भी उन्हीं में शामिल हो जाओ।