सूरह Al-A'raf, आयत 168

7:168

وَقَطَّعۡنَٰهُمۡ فِي ٱلۡأَرۡضِ أُمَمٗاۖ مِّنۡهُمُ ٱلصَّٰلِحُونَ وَمِنۡهُمۡ دُونَ ذَٰلِكَۖ وَبَلَوۡنَٰهُم بِٱلۡحَسَنَٰتِ وَٱلسَّيِّـَٔاتِ لَعَلَّهُمۡ يَرۡجِعُونَ ١٦٨

और हमने उन्हें धरती में कई समूहों में टुकड़े-टुकड़े कर दिया। उनमें से कुछ लोग सदाचारी थे और उनमें से कुछ इसके अलावा थे। तथा हमने अच्छी परिस्थितियों और बुरी परिस्थितियों के साथ उनका परीक्षण किया, ताकि वे बाज़ आ जाएँ।

तफ़सीर

और हमने उन्हें धरती में बिखेर दिया और उन्हें उसमें कई संप्रदायों में विभाजित कर दिया, जबकि वे पहले एक साथ (इकट्ठा) थे। उनमें से कुछ लोग सदाचारी थे, जो अल्लाह के हक़ और उसके बंदों के हक़ अदा करने वाले थे। तथा उनमें से कुछ लोग बीच की राह चलने वाले थे, जबकि उनमें से कुछ लोग पापों के द्वारा अपने ऊपर अत्याचार करने वाले थे। और हमने उन्हें खुशहाली और तंगी के ज़रिए आज़माया, इस आशा में कि वे अपने रवैये से बाज़ आ जाएँ।