فَلَمَّا عَتَوۡاْ عَن مَّا نُهُواْ عَنۡهُ قُلۡنَا لَهُمۡ كُونُواْ قِرَدَةً خَٰسِـِٔينَ ١٦٦
फिर जब वे उस काम में सीमा से आगे बढ़ गए, जिससे वे रोके गए थे, तो हमने उनसे कहा कि अपमानित बंदर बन जाओ।
तफ़सीर
फिर जब वे अभिमान एवं हठ के कारण अल्लाह की अवज्ञा करने में सीमा पार कर गए और नसीहत हासिल नहीं की, तो हमने उनसे कहा : ऐ अवज्ञाकारियो! तुम अपमानित बंदर हो जाओ। चुनाँचे वे हमारी मंशा के अनुसार बंदर हो गए। क्योंकि हमारा मामला यह है कि हम जब कसी चीज़ का इरादा करते हैं, तो उससे कहते हैं कि "हो जा" तो वह हो जाती है।