وَإِذۡ أَنجَيۡنَٰكُم مِّنۡ ءَالِ فِرۡعَوۡنَ يَسُومُونَكُمۡ سُوٓءَ ٱلۡعَذَابِ يُقَتِّلُونَ أَبۡنَآءَكُمۡ وَيَسۡتَحۡيُونَ نِسَآءَكُمۡۚ وَفِي ذَٰلِكُم بَلَآءٞ مِّن رَّبِّكُمۡ عَظِيمٞ ١٤١
तथा (वह समय याद करो) जब हमने तुम्हें फ़िरऔनियों से मुक्ति दिलाई, जो तुम्हें बुरी यातना देते थे; तुम्हारे पुत्रों को बुरी तरह मार डालते थे तथा तुम्हारी नारियों को जीवित रहने देते थे। इसमें तुम्हारे पालनहार की ओर से बहुत बड़ी परीक्षा थी।
तफ़सीर
तथा (ऐ बनी इसराईल!) वह समय याद करो, जब हमने तुम्हें फ़िरऔन और उसकी जाति के अपमानजनक व्यवहार से बचाकर तुम्हें मुक्ति दिलाई, क्योंकि वे तुम्हें तरह-तरह से सताते थे; तुम्हारे पुत्रों को बुरी तरह क़त्ल कर देते थे और तुम्हारी स्त्रियों को अपनी सेवा के लिए जीवित रहने देते थे। तथा तुम्हें फ़िरऔन और उसकी जाति के चंगुल से मुक्त करने की इस घटना में तुम्हारे पालनहार की ओर से बहुत बड़ी परीक्षा है, जिसके लिए तुम्हें आभार प्रकट करने की आवश्यकता है।