إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ يُنفِقُونَ أَمۡوَٰلَهُمۡ لِيَصُدُّواْ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِۚ فَسَيُنفِقُونَهَا ثُمَّ تَكُونُ عَلَيۡهِمۡ حَسۡرَةٗ ثُمَّ يُغۡلَبُونَۗ وَٱلَّذِينَ كَفَرُوٓاْ إِلَىٰ جَهَنَّمَ يُحۡشَرُونَ ٣٦
निःसंदेह जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे अपने धन ख़र्च करते हैं ताकि अल्लाह के रास्ते से रोकें। तो वे उन्हें ख़र्च करते रहेंगे, फिर (ऐसा समय आएगा कि) वह उनके लिए पछतावे का कारण होगा। फिर वे पराजित होंगे। तथा जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे जहन्नम की ओर एकत्र किए जाएँगे।
तफ़सीर
निश्चय जिन लोगों ने अल्लाह के साथ कुफ़्र किया, वे अपना धन लोगों को अल्लाह के धर्म से रोकने के लिए ख़र्च करते हैं। चुनाँचे वे इसी तरह खर्च करते रहेंगे और उनकी मनोकामना कभी पूरी नहीं होगी। फिर उनके धन खर्च करने का परिणाम पछतावा होगा; क्योंकि धन भी चला गया और उसके खर्च करने का उद्देश्य भी प्राप्त नहीं हुआ। फिर वे ईमान वालों के उनपर विजय से पराजित हो जाएँगे। और जिन लोगों ने अल्लाह के साथ कुफ़्र किया, वे क़ियामत के दिन जहन्नम की ओर हाँककर ले जाए जाएँगे। फिर वे उसमें प्रवेश करेंगे और हमेशा के लिए उसी में रहेंगे।