सूरह Al-Anbiya, आयत 55

21:55

قَالُوٓاْ أَجِئۡتَنَا بِٱلۡحَقِّ أَمۡ أَنتَ مِنَ ٱللَّٰعِبِينَ ٥٥

उन्होंने कहा : क्या तुम हमारे पास सत्य लाए हो या (हमसे) दिल-लगी कर रहे हो?

तफ़सीर

उनकी जाति के लोगों ने उनसे कहा : आपने जो यह बात कही है, गंभीरता से कही है या आप मज़ाक़ कर रहे हैं?