أَوَلَمۡ يَرَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوٓاْ أَنَّ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ كَانَتَا رَتۡقٗا فَفَتَقۡنَٰهُمَاۖ وَجَعَلۡنَا مِنَ ٱلۡمَآءِ كُلَّ شَيۡءٍ حَيٍّۚ أَفَلَا يُؤۡمِنُونَ ٣٠
क्या जिन लोगों ने कुफ़्र किया यह नहीं देखा कि आकाश और धरती दोनों मिले हुए14 थे, फिर हमने दोनों को अलग-अलग कर दिया, तथा हमने पानी से हर जीवित चीज़ को बनाया? तो क्या ये लोग ईमान नहीं लाते?
फ़ुटनोट
14 अर्थात अपनी उत्पत्ति के आरंभ में।
तफ़सीर
क्या अल्लाह का इनकार करने वाले नहीं जानते कि आकाश और धरती दोनों आपस में मिले हुए थे, दोनों के बीच कोई खाली स्थान नहीं था, जहाँ से बारिश उतरती, तो हमने दोनों को अलग-अलग कर दिया। तथा हमने आसमान से धरती पर उतरने वाली बारिश से हर तरह की जानदार चीज़ें और पौधे बनाए। तो क्या वे इन बातों से सीख नहीं लेते और एक अल्लाह पर ईमान नहीं लाते?!