قُلۡ أَرَءَيۡتَكُمۡ إِنۡ أَتَىٰكُمۡ عَذَابُ ٱللَّهِ أَوۡ أَتَتۡكُمُ ٱلسَّاعَةُ أَغَيۡرَ ٱللَّهِ تَدۡعُونَ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ ٤٠
(ऐ नबी!) उनसे कहो, भला बताओ तो सही कि यदि तुमपर अल्लाह की यातना आ जाए, या तुमपर क़ियामत आ जाए, तो क्या तुम अल्लाह के सिवा किसी और को पुकारोगे? यदि तुम सच्चे हो।
तफ़सीर
(ऐ रसूल!) आप इन मुश्रिकों से कह दें : मुझे बताओ यदि तुम्हारे पास अल्लाह की ओर से कोई यातना आ जाए अथवा तुमपर वह क़ियामत आ जाए, जिसका तुमसे वादा किया गया है कि वह आने वाली है; तो क्या उस समय तुम अल्लाह के सिवा किसी और को पुकारोगे, ताकि वह तुमपर आने वाली विपत्ति और संकट को दूर करे? (बताओ) यदि तुम इस दावे में सच्चे हो कि तुम्हारे पूज्य लाभ पहुँचाते हैं या नुकसान को दूर करते हैं?!