सूरह Al-An'am, आयत 2

6:2

هُوَ ٱلَّذِي خَلَقَكُم مِّن طِينٖ ثُمَّ قَضَىٰٓ أَجَلٗاۖ وَأَجَلٞ مُّسَمًّى عِندَهُۥۖ ثُمَّ أَنتُمۡ تَمۡتَرُونَ ٢

वही है जिसने तुम्हें तुच्छ मिट्टी2 से पैदा किया, फिर एक अवधि निर्धारित कर दी तथा एक और अवधि उसके पास3 निर्धारित है। फिर (भी) तुम संदेह करते हो।

फ़ुटनोट

2 अर्थात तुम्हारे पिता आदम अलैहिस्सलाम को।

3 दो अवधि, एक जीवन और कर्म के लिए, तथा दूसरी कर्मों के फल के लिए।

तफ़सीर

वही महिमावान है, जिसने - ऐ लोगो! - तुम्हें मिट्टी से पैदा किया, जब उसने तुम्हारे पिता आदम अलैहिस्सलाम की रचना मिट्टी से की। फिर उसने तुम्हारे इस दुनिया के जीवन में रहने के लिए एक अवधि निर्धारित की। तथा उसने एक और अवधि क़ियामत के दिन तुम्हें पुनर्जीवित करने के लिए निर्धारित की, जिसे केवल वही जानता है। फिर भी तुम उस महिमावान् के पुनर्जीवित करने की क्षमता पर संदेह करते हो।