كَلَّآ إِنَّ ٱلۡإِنسَٰنَ لَيَطۡغَىٰٓ ٦
कदापि नहीं, निःसंदेह मनुष्य सीमा पार कर जाता है।
तफ़सीर
वास्तव में, अबू जह्ल की तरह दुराचारी व्यक्ति अल्लाह की सीमाओं का उल्लंघन करने में हद को पार कर जाता है।
كَلَّآ إِنَّ ٱلۡإِنسَٰنَ لَيَطۡغَىٰٓ ٦
कदापि नहीं, निःसंदेह मनुष्य सीमा पार कर जाता है।
वास्तव में, अबू जह्ल की तरह दुराचारी व्यक्ति अल्लाह की सीमाओं का उल्लंघन करने में हद को पार कर जाता है।