عَبۡدًا إِذَا صَلَّىٰٓ ١٠
एक बंदे को, जब वह नमाज़ अदा करता है।
तफ़सीर
हमारे बंदे मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को, जब वह काबा के पास नमाज़ पढ़ते हैं।
عَبۡدًا إِذَا صَلَّىٰٓ ١٠
एक बंदे को, जब वह नमाज़ अदा करता है।
हमारे बंदे मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को, जब वह काबा के पास नमाज़ पढ़ते हैं।