सूरह Al-'Alaq, आयत 10

96:10

عَبۡدًا إِذَا صَلَّىٰٓ ١٠

एक बंदे को, जब वह नमाज़ अदा करता है।

तफ़सीर

हमारे बंदे मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को, जब वह काबा के पास नमाज़ पढ़ते हैं।