فَذَكِّرۡ إِن نَّفَعَتِ ٱلذِّكۡرَىٰ ٩
तो आप नसीहत करते रहें। अगर नसीहत करना लाभदायक हो।
तफ़सीर
अतः आप लोगों को उस क़ुरआन के द्वारा नसीहत करते रहें, जिसकी हम आपकी ओर वह़्य (प्रकाशना) करते हैं, तथा जब तक उपदेश सुनी जाती है, तब तक उन्हें उपदेश देते रहें।