सूरह Al-'Adiyat, आयत 8

100:8

وَإِنَّهُۥ لِحُبِّ ٱلۡخَيۡرِ لَشَدِيدٌ ٨

और निःसंदेह वह धन के मोह में बड़ा सख़्त है।2

फ़ुटनोट

2 इस आयत में उसकी कृतघ्नता का कारण बताया गया है कि जिस इनसान को सर्वाधिक प्रेम अल्लाह से होना चाहिए, वही अत्याधिक प्रेम धन से करता है।

तफ़सीर

निःसंदेह वह धन के लिए अपने अत्यधिक प्रेम के कारण उसे खर्च करने में कंजूसी करता है।