فَٱلۡمُغِيرَٰتِ صُبۡحٗا ٣
फिर सुबह के समय हमला करने वाले (घोड़ों) की क़सम!
तफ़सीर
और उन घोड़ों की क़सम खाई है, जो सुबह के समय दुश्मनों पर हमला करते हैं।
فَٱلۡمُغِيرَٰتِ صُبۡحٗا ٣
फिर सुबह के समय हमला करने वाले (घोड़ों) की क़सम!
और उन घोड़ों की क़सम खाई है, जो सुबह के समय दुश्मनों पर हमला करते हैं।