सूरह Ad-Dukhan, आयत 20

44:20

وَإِنِّي عُذۡتُ بِرَبِّي وَرَبِّكُمۡ أَن تَرۡجُمُونِ ٢٠

तथा निःसंदेह मैंने अपने पालनहार तथा तुम्हारे पालनहार की इससे शरण ली है कि तुम मुझपर पथराव कर मेरी जान ले लो।

तफ़सीर

मैंने अपने पालनहार तथा तुम्हारे पालनहार की शरण ली है, इस बात से कि तुम पत्थर मार-मारकर मेरी हत्या कर डालो।