قُتِلَ ٱلۡإِنسَٰنُ مَآ أَكۡفَرَهُۥ ١٧
सर्वनाश हो मनुष्य का, वह कितना कृतघ्न (नाशुक्रा) है।
तफ़सीर
धिक्कार है काफिर इनसान पर, वह अल्लाह का कितना कृतघ्न है!
قُتِلَ ٱلۡإِنسَٰنُ مَآ أَكۡفَرَهُۥ ١٧
सर्वनाश हो मनुष्य का, वह कितना कृतघ्न (नाशुक्रा) है।
धिक्कार है काफिर इनसान पर, वह अल्लाह का कितना कृतघ्न है!