सूरह Yusuf, आयत 59

12:59

وَلَمَّا جَهَّزَهُم بِجَهَازِهِمۡ قَالَ ٱئۡتُونِي بِأَخٖ لَّكُم مِّنۡ أَبِيكُمۡۚ أَلَا تَرَوۡنَ أَنِّيٓ أُوفِي ٱلۡكَيۡلَ وَأَنَا۠ خَيۡرُ ٱلۡمُنزِلِينَ ٥٩

और जब उनका सामान तैयार कर दिया, तो कहा : मेरे पास अपने उस भाई17 को लेकर आना जो तुम्हारे बाप की ओर से है। क्या तुम नहीं देखते कि मैं पूरी माप देता हूँ तथा मैं उत्तम अतिथि-सत्कार करने वाला हूँ?

फ़ुटनोट

17 जो यूसुफ़ अलैहिस्सलाम का सगा भाई बिनयामीन था।

तफ़सीर

और जब यूसुफ़ ने उनको वह अनाज और खाद्य-सामग्री दे दी, जो उन्होंने माँगी और जब उन्होंने बताया कि उनका एक बाप-शरीक (सौतेला) भाई है, जिसे वे उसके पिता के पास छोड़ आए हैं, तो कहा : तुम अपने बाप शरीक भाई को मेरे पास ले आना, मैं तुम्हें एक ऊँट के भार का ग़ल्ला अधिक दूँगा। क्या तुम नहीं देखते कि मैं पूरी माप देता हूँ, उसमें कमी नहीं करता और मैं सबसे अच्छा मेहमान नवाज़ हूँ।