وَيُحِقُّ ٱللَّهُ ٱلۡحَقَّ بِكَلِمَٰتِهِۦ وَلَوۡ كَرِهَ ٱلۡمُجۡرِمُونَ ٨٢
और अल्लाह सत्य को, अपने शब्दों से, सत्य कर दिखाता है, यद्यपि अपराधियों को बुरा लगे।
तफ़सीर
अल्लाह अपने पूर्वनियति शब्दों के साथ तथा अपने शरई शब्दों में विद्यमान प्रमाणों एवं तर्कों के साथ सत्य को स्थापित और सशक्त कर देता है, भले ही फिरऔनियों के अपराधी काफिरों को बुरा लगे।