ثُمَّ قِيلَ لِلَّذِينَ ظَلَمُواْ ذُوقُواْ عَذَابَ ٱلۡخُلۡدِ هَلۡ تُجۡزَوۡنَ إِلَّا بِمَا كُنتُمۡ تَكۡسِبُونَ ٥٢
फिर अत्याचारियों से कहा जाएगा कि स्थायी यातना का मज़ा चखो। तुम्हें उसी का बदला दिया जाएगा, जो तुम कमाया करते थे।
तफ़सीर
फिर उन्हें यातना में डाले जाने और उनकी ओर से उससे बाहर निकलने की माँग किए जाने के पश्चात उनसे कहा जाएगा : आख़िरत की स्थायी यातना का स्वाद चखो। क्या जो कुफ़्र और पाप तुम किया करते थे, तुम्हें उसके अलावा किसी और चीज़ का बदला दिया जाएगा?!