सूरह Taha, आयत 74

20:74

إِنَّهُۥ مَن يَأۡتِ رَبَّهُۥ مُجۡرِمٗا فَإِنَّ لَهُۥ جَهَنَّمَ لَا يَمُوتُ فِيهَا وَلَا يَحۡيَىٰ ٧٤

निःसंदेह तथ्य यह है कि जो अपने पालनहार के पास अपराधी बनकर आएगा, तो निश्चित रूप से उसी के लिए नरक है, जिसमें न वह मरेगा और न जिएगा।

तफ़सीर

निःसंदेह तथ्य और निष्कर्ष यह है कि जो भी व्यक्ति क़ियामत के दिन अपने पालनहार के पास इस दशा में आएगा कि वह अल्लाह के साथ कुफ़्र करने वाला होगा, तो उसके लिए जहन्नम की आग है, जिसमें वह प्रवेश करेगा और हमेशा वहीं रहेगा। वह वहाँ न तो मरेगा कि उसकी यातना से आराम पा जाए और न ही वह एक अच्छा जीवन जीएगा।