सूरह Taha, आयत 44

20:44

فَقُولَا لَهُۥ قَوۡلٗا لَّيِّنٗا لَّعَلَّهُۥ يَتَذَكَّرُ أَوۡ يَخۡشَىٰ ٤٤

तो उससे कोमल बात करो, आशा है कि वह उपदेश ग्रहण करे, या (अल्लाह से) डर जाए।

तफ़सीर

तुम दोनों उससे कोमल बात करना, जिसमें कठोरता न हो। आशा है कि वह उपदेश ग्रहण करे, या अल्लाह से डर जाए और तौबा कर ले।