सूरह Taha, आयत 3

20:3

إِلَّا تَذۡكِرَةٗ لِّمَن يَخۡشَىٰ ٣

परंतु उसकी याददहानी (नसीहत) के लिए, जो डरता2 है।

फ़ुटनोट

2 अर्थात ईमान न लाने तथा कुकर्मों के दुष्परिणाम से।

तफ़सीर

हमने इसे केवल उन लोगों की याददहानी के लिए उतारा है, जिन्हें अल्लाह ने अपने डर की तौफ़ीक़ प्रदान की है।