सूरह Muhammad, आयत 14

47:14

أَفَمَن كَانَ عَلَىٰ بَيِّنَةٖ مِّن رَّبِّهِۦ كَمَن زُيِّنَ لَهُۥ سُوٓءُ عَمَلِهِۦ وَٱتَّبَعُوٓاْ أَهۡوَآءَهُم ١٤

तो क्या वह व्यक्ति जो अपने रब की ओर से एक स्पष्ट तर्क पर है, उस व्यक्ति के समान है, जिसके लिए उसके बुरे कर्मों को सुंदर बना दिया गया और उसने अपनी इच्छाओं का पालन किया?

तफ़सीर

क्या वह व्यक्ति जिसके पास अपने पालनहार की ओर से स्पष्ट प्रमाण और खुला तर्क है और वह उसकी इबादत ज्ञान और अंतर्दृष्टि के साथ करता है, उस व्यक्ति की तरह है, जिसके लिए शैतान ने उसके बुरे काम को सुंदर बना दिया, तथा उन्होंने अपनी इच्छाओं का पालन करते हुए मूर्तियों की पूजा की, पाप किए और रसूलों को झुठलाया?