सूरह Maryam, आयत 47

19:47

قَالَ سَلَٰمٌ عَلَيۡكَۖ سَأَسۡتَغۡفِرُ لَكَ رَبِّيٓۖ إِنَّهُۥ كَانَ بِي حَفِيّٗا ٤٧

(इबराहीम ने) कहा : आपपर सलाम हो! मैं अपने पालनहार से आपके लिए अवश्य क्षमा की प्रार्थना करूँगा। निःसंदेह वह हमेशा से मुझपर बहुत दयालु है।

तफ़सीर

इबराहीम अलैहिस्सलाम ने अपने पिता से कहा : मेरी ओर से आपको सलाम है। मेरी ओर से आपको कोई कष्ट नहीं पहुँचेगा। मैं आपके लिए अपने रब से क्षमा और मार्गदर्शन माँगूँगा। निःसंदेह वह हमेशा से मुझ पर बहुत दयालु है।