وَأَنذِرۡهُمۡ يَوۡمَ ٱلۡحَسۡرَةِ إِذۡ قُضِيَ ٱلۡأَمۡرُ وَهُمۡ فِي غَفۡلَةٖ وَهُمۡ لَا يُؤۡمِنُونَ ٣٩
और (ऐ नबी!) आप उन्हें पछतावे के दिन से डराएँ, जब हर काम का फैसला14 कर दिया जाएगा, और वे पूरी तरह से ग़फ़लत में हैं और वे ईमान नहीं लाते।
फ़ुटनोट
14 अर्थात प्रत्येक के कर्मानुसार उसके लिए नरक अथवा स्वर्ग का निर्णय कर दिया जाएगा। फिर मौत को एक भेड़ के रूप में वध कर दिया जाएगा। तथा घोषणा कर दी जाएगी कि ऐ स्वर्गियो! तुम्हें सदा रहना है, और अब मौत नहीं है। और हे नारकियो! तुम्हें सदा नरक में रहना है, अब मौत नहीं है। (सह़ीह़ बुख़ारी, ह़दीस संख्या : 4730)
तफ़सीर
तथा (ऐ रसूल!) आप लोगों को पछतावे के दिन से डराएँ, जिस दिन जब सहीफ़े लपेट दिए जाएँगे, लोगों का हिसाब कर दिया जाएगा और हर व्यक्ति अपने कर्मों के हवाले हो जाएगा, तो बुराई करने वाला अपनी बुराई पर पछताएगा और नेकी करने वाला और अधिक नेकियाँ न करने पर पछताएगा। जबकि वे दुनिया के जीवन में उसके धोखे में पड़े हुए हैं, आख़िरत से बेपरवाह हैं और क़ियामत के दिन पर ईमान नहीं लाते हैं।