إِذۡ نَادَىٰ رَبَّهُۥ نِدَآءً خَفِيّٗا ٣
जब उसने अपने पालनहार को गुप्त स्वर में पुकारा।
तफ़सीर
जब उसने अपने पवित्र रब से, गुप्त रूप से, दुआ की, ताकि क़बूल होने की उम्मीद ज़्यादा हो।
إِذۡ نَادَىٰ رَبَّهُۥ نِدَآءً خَفِيّٗا ٣
जब उसने अपने पालनहार को गुप्त स्वर में पुकारा।
जब उसने अपने पवित्र रब से, गुप्त रूप से, दुआ की, ताकि क़बूल होने की उम्मीद ज़्यादा हो।