وَسَلَٰمٌ عَلَيۡهِ يَوۡمَ وُلِدَ وَيَوۡمَ يَمُوتُ وَيَوۡمَ يُبۡعَثُ حَيّٗا ١٥
और उसपर सलामती हो जिस दिन वह पैदा हुआ और जिस दिन वह मरेगा और जिस दिन वह जीवित करके उठाया जाएगा।
तफ़सीर
उसपर अल्लाह की ओर से शांति तथा उसकी ओर से उसके लिए सुरक्षा है जिस दिन वह पैदा हुआ, जिस दिन वह मर जाएगा और इस जीवन से निकल जाएगा और जिस दिन वह क़ियामत के दिन दोबारा जीवित होकर उठाया जाएगा। ये तीन स्थान सबसे भयावह हैं जिनसे एक व्यक्ति गुजरता है। अतः यदि वह इनमें सुरक्षित रहा, तो उसके लिए इनके अलावा में कोई डर नहीं है।