وَحَنَانٗا مِّن لَّدُنَّا وَزَكَوٰةٗۖ وَكَانَ تَقِيّٗا ١٣
तथा अपनी ओर से दया तथा पवित्रता (प्रदान की) और वह बड़ा संयमी (परहेज़गार) था।
तफ़सीर
और हमने उसपर अपनी ओर से ख़ास दया की थी और उसे पापों से पवित्र रखा था तथा वह एक परहेज़गार व्यक्ति था, जो अल्लाह के आदेशों का पालन करता था और उसकी मना की हुई चीज़ों से दूर रहता था।