सूरह Hud, आयत 56

11:56

إِنِّي تَوَكَّلۡتُ عَلَى ٱللَّهِ رَبِّي وَرَبِّكُمۚ مَّا مِن دَآبَّةٍ إِلَّا هُوَ ءَاخِذُۢ بِنَاصِيَتِهَآۚ إِنَّ رَبِّي عَلَىٰ صِرَٰطٖ مُّسۡتَقِيمٖ ٥٦

निःसंदेह मैंने अपने पालनहार और तुम्हारे पालनहार, अल्लाह पर भरोसा किया है। कोई चलने वाला जीव नहीं, परंतु वह उसके माथे के बालों को पकड़े हुए है। निश्चय ही मेरा पालनहार सीधे रास्ते17 पर है।

फ़ुटनोट

17 अर्थात उसका रास्ता अत्याचार का रास्ता नहीं हो सकता कि तुम दुराचारी और कुपथ में रहकर सफल रहो और मैं सदाचारी रहकर हानि में पड़ूँ।

तफ़सीर

मैंने अकेले अल्लाह पर भरोसा किया तथा अपने मामले में उसी का सहारा लिया है। क्योंकि वही मेरा और तुम्हारा पालनहार है। धरती पर जो भी जीव चलता है, वह अल्लाह के अधीन उसकी संप्रभुता और अधिकार के मातहत है। वह उसे जैसे चाहता है, फेरता है। निःसंदेह मेरा पालनहार सत्य और न्याय पर है। इसलिए वह कदापि तुम्हें मेरे ऊपर सशक्त नहीं करेगा। क्योंकि मैं सत्य पर हूँ और तुम झूठ पर हो।