सूरह Az-Zumar, आयत 26

39:26

فَأَذَاقَهُمُ ٱللَّهُ ٱلۡخِزۡيَ فِي ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَاۖ وَلَعَذَابُ ٱلۡأٓخِرَةِ أَكۡبَرُۚ لَوۡ كَانُواْ يَعۡلَمُونَ ٢٦

तो अल्लाह ने उन्हें सांसारिक जीवन में अपमान चखाया और निश्चय आख़िरत (परलोक) की यातना अत्यधिक बड़ी है। काश! वे जानते होते।

तफ़सीर

तो अल्लाह ने इस यातना के ज़रिए उन्हें सांसारिक जीवन में अपमान, लज्जा और रुसवाई (फ़ज़ीहत) चखाई। और आख़िरत की यातना जो उनकी प्रतीक्षा कर रही है, इससे भी बड़ी और अधिक गंभीर है, अगर वे जानते होते।