قَدۡ فَرَضَ ٱللَّهُ لَكُمۡ تَحِلَّةَ أَيۡمَٰنِكُمۡۚ وَٱللَّهُ مَوۡلَىٰكُمۡۖ وَهُوَ ٱلۡعَلِيمُ ٱلۡحَكِيمُ ٢
निश्चय अल्लाह ने तुम्हारे लिए तुम्हारी क़समों का कफ़्फ़ारा2 निर्धारित कर दिया है। तथा अल्लाह तुम्हारा स्वामी है और वही सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
फ़ुटनोट
2 अर्थात प्रयाश्चित देकर उसको करने का जिसके न करने की शपथ ली हो। क़सम के प्रायश्चित (कफ़्फ़ारा) के लिए देखिए : सूरतुल माइदा, आयत : 81.
तफ़सीर
अल्लाह ने तुम्हारे लिए कफ़्फ़ारा के द्वारा अपनी क़समों को हलाल करना धर्म संगत बना दिया है, यदि तुम कोई चीज़ उनसे बेहतर पाओ या उस क़सम को तोड़ दो। अल्लाह तुम्हारा सहायक है। तथा वह तुम्हारी स्थितियों एवं हितों के बारे में सबसे अच्छा जानता है, अपनी शरीयत और तक़दीर (निर्णय) में हिकमत वाला है।