وَمَرۡيَمَ ٱبۡنَتَ عِمۡرَٰنَ ٱلَّتِيٓ أَحۡصَنَتۡ فَرۡجَهَا فَنَفَخۡنَا فِيهِ مِن رُّوحِنَا وَصَدَّقَتۡ بِكَلِمَٰتِ رَبِّهَا وَكُتُبِهِۦ وَكَانَتۡ مِنَ ٱلۡقَٰنِتِينَ ١٢
तथा इमरान की बेटी मरयम का (उदाहरण प्रस्तुत किया है), जिसने अपने सतीत्व की रक्षा की, तो हमने उसमें अपनी एक रूह़ फूँक दी तथा उसने अपने पालनहार की बातों और उसकी पुस्तकों की पुष्टि की और वह इबादत करने वालों में से थी।
तफ़सीर
तथा अल्लाह ने उन लोगों के लिए, जो अल्लाह और उसके रसूलों पर ईमान लाए, मरयम बिन्त इमरान का उदाहरण पेश किया है, जिसने खुद को व्यभिचार से सुरक्षित रखा, तो अल्लाह ने जिबरील को उसके अंदर फूँक मारने का आदेश दिया। चुनाँचे उसने अल्लाह की शक्ति के साथ बिना बाप के ईसा बिन मरयम अलैहिस्सलाम का गर्भ धारण कर लिया। तथा उसने अल्लाह के नियमों की और उसके रसूलों पर अवतरित उसकी किताबों की पुष्टि की। और वह अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसकी मना की हुई बातों से बचकर उसका आज्ञापालन करने वालों में से थी।