सूरह Ash-Shu'ara, आयत 139

26:139

فَكَذَّبُوهُ فَأَهۡلَكۡنَٰهُمۡۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗۖ وَمَا كَانَ أَكۡثَرُهُم مُّؤۡمِنِينَ ١٣٩

तो उन्होंने उसे झुठला दिया, तो हमने उन्हें विनष्ट कर दिया। निःसंदेह इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी है। और उनमें से अधिकतर लोग ईमानवाले नहीं थे।

तफ़सीर

उन्होंने अपने नबी हूद अलैहिस्सलाम को झुठलाना जारी रखा, इसलिए हमने उनके झुठलाने के कारण उन्हें तेज़ आँधी से नष्ट कर दिया। इस विनाश में पाठ ग्रहण करने वालों के लिए निश्चय महान पाठ है। परंतु उनमें से अधिकांश लोग ईमान लाने वाले नहीं थे।