قَالُواْ سَوَآءٌ عَلَيۡنَآ أَوَعَظۡتَ أَمۡ لَمۡ تَكُن مِّنَ ٱلۡوَٰعِظِينَ ١٣٦
उन्होंने कहा : हमारे लिए बराबर है कि तू नसीहत करे, या नसीहत करने वालों में से हो।
तफ़सीर
उनकी जाति के लोगों ने उनसे कहा : तुम्हारा हमें सदुपदेश देना और न देना दोनों बराबर है। क्योंकि हम तुमपर कदापि ईमान नहीं लाएँगे और जिसपर हम क़ायम हैं, उससे हरगिज़ पीछे नहीं हटेंगे।