सूरह As-Saffat, आयत 96

37:96

وَٱللَّهُ خَلَقَكُمۡ وَمَا تَعۡمَلُونَ ٩٦

हालाँकि अल्लाह ही ने तुम्हें पैदा किया तथा उसे भी जो तुम करते हो।

तफ़सीर

जबकि अल्लाह ही ने तुम्हें पैदा किया तथा तुम्हारे कार्यों को पैदा किया, और तुम्हारे कार्यों में से ये मूर्तियाँ भी हैं। अतः अल्लाह ही इस बात का हक़दार है कि एकमात्र उसी की इबादत की जाए और उसके साथ किसी दूसरे को साझी न बनाया जाए।