सूरह As-Saffat, आयत 92

37:92

مَا لَكُمۡ لَا تَنطِقُونَ ٩٢

तुम्हें क्या हुआ कि तुम बोलते नहीं?

तफ़सीर

तुम्हें क्या हुआ कि तुम बोलते नहीं, और जो तुमसे पूछता है उसे कोई जवाब नहीं देते ?! क्या ऐसे की अल्लाह को छोड़कर पूजा की जानी चाहिए?!