لِيَجۡزِيَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّٰلِحَٰتِ مِن فَضۡلِهِۦٓۚ إِنَّهُۥ لَا يُحِبُّ ٱلۡكَٰفِرِينَ ٤٥
ताकि वह (अल्लाह) अपने अनुग्रह से उन लोगों को बदला दे, जो ईमान लाए और उन्होंने सत्कर्म किए। निःसंदेह वह काफ़िरों से प्रेम नहीं करता।
तफ़सीर
ताकि अल्लाह अपने अनुग्रह और उपकार से उन लोगों को बदला दे, जो अल्लाह पर ईमान लाए और ऐसे अच्छे कार्य किए जो अल्लाह को पसंद हैं। अल्लाह उन लोगों से प्रेम नहीं करता, जो उसका और उसके रसूलों का इनकार करने वाले हैं। बल्कि उनसे सख़्त नाराज़ होता है और उन्हें क़ियामत के दिन यातना देगा।