ظَهَرَ ٱلۡفَسَادُ فِي ٱلۡبَرِّ وَٱلۡبَحۡرِ بِمَا كَسَبَتۡ أَيۡدِي ٱلنَّاسِ لِيُذِيقَهُم بَعۡضَ ٱلَّذِي عَمِلُواْ لَعَلَّهُمۡ يَرۡجِعُونَ ٤١
जल और थल में लोगों के हाथों की कमाई के कारण बिगाड़ फैल गया16 है, ताकि वह (अल्लाह) उन्हें उनके कुछ कर्मों का मज़ा चखाए, ताकि वे बाज़ आ जाएँ।
फ़ुटनोट
16 आयत में बताया गया है कि इस संसार में जो उपद्रव तथा अत्याचार हो रहा है यह सब शिर्क के कारण हो रहा है। जब लोगों ने एकेश्वर्वाद को छोड़कर शिर्क अपना लिया, तो अत्याचार और उपद्रव होने लगा। क्योंकि न एक अल्लाह का भय रह गया और न उसके नियमों का पालन।
तफ़सीर
लोगों के किए हुए पापों के कारण, जल और थल में बिगाड़ फैल गया, जैसे सूखा, वर्षा की कमी, तथा बीमारियों और महामारियों की बहुतायत। ऐसा इसलिए प्रकट हुआ ताकि अल्लाह उन्हें उनके कुछ बुरे कर्मों का बदला दुनिया के जीवन ही में चखा दे, इस आशा में कि वे तौबा करके अल्लाह की ओर लौट आएँ।