सूरह Ar-Rum, आयत 21

30:21

وَمِنۡ ءَايَٰتِهِۦٓ أَنۡ خَلَقَ لَكُم مِّنۡ أَنفُسِكُمۡ أَزۡوَٰجٗا لِّتَسۡكُنُوٓاْ إِلَيۡهَا وَجَعَلَ بَيۡنَكُم مَّوَدَّةٗ وَرَحۡمَةًۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَٰتٖ لِّقَوۡمٖ يَتَفَكَّرُونَ ٢١

तथा उसकी निशानियों में से है कि उसने तुम्हारे लिए तुम्ही में से जोड़े पैदा किए, ताकि तुम उनके पास शांति प्राप्त करो। तथा उसने तुम्हारे बीच प्रेम और दया रख दी। निःसंदेह इसमें उन लोगों के लिए बहुत-सी निशाननियाँ हैं, जो सोच-विचार करते हैं।

तफ़सीर

इसी तरह उसकी शक्ति और एकता को दर्शाने वाली उसकी महान निशानियों में से यह भी है कि (ऐ पुरुषो) उसने तुम्हारे लिए तुम्हारे ही वर्ग से पत्नियाँ पैदा कीं, ताकि तुम्हारे बीच सामंजस्य के कारण उनके पास तुम्हें राहत व आराम मिले। और उनके और तुम्हारे बीच प्रेम और करुणा रख दी। निश्चय ही इसमें उन लोगों के लिए स्पष्ट सबूत और संकेत हैं, जो सोच-विचार करते हैं, क्योंकि वही लोग अपने विवेक का प्रयोग करके लाभ उठाते हैं।