सूरह An-Nazi'at, आयत 13

79:13

فَإِنَّمَا هِيَ زَجۡرَةٞ وَٰحِدَةٞ ١٣

वह तो केवल एक डाँट होगी।

तफ़सीर

दोबारा जीवित करने का मामला बड़ा आसान है। वह तो केवल सूर फूँकने पर नियुक्त फ़रिश्ते की एक तेज़ आवाज़ होगी।