أَلَّاۤ يَسۡجُدُواْۤ لِلَّهِ ٱلَّذِي يُخۡرِجُ ٱلۡخَبۡءَ فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَيَعۡلَمُ مَا تُخۡفُونَ وَمَا تُعۡلِنُونَ ٢٥
(शैतान ने उनके कामों को उनके लिए शोभित कर दिया है) ताकि वे उस अल्लाह को सजदा न करें, जो आकाशों तथा धरती में छिपी चीज़ों4 को निकालता है तथा वह जानता है जो तुम छिपाते हो और जो प्रकट करते हो।
फ़ुटनोट
4 अर्थात वर्षा तथा पौधों को।
तफ़सीर
शैतान ने उनके शिर्क एवं पाप के कार्यों को उनके लिए सुंदर बना दिया है; ताकि वे अकेले अल्लाह को सजदा न करें, जो आकाश में छिपी वर्षा तथा धरती में छिपे पौधों को निकालता है, तथा वह उन कार्यों को जानता है, जो तुम छिपाते हो और जो तुम ज़ाहिर तरते हो। उनमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है।