فَقَالَ ٱلۡمَلَؤُاْ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ مِن قَوۡمِهِۦ مَا هَٰذَآ إِلَّا بَشَرٞ مِّثۡلُكُمۡ يُرِيدُ أَن يَتَفَضَّلَ عَلَيۡكُمۡ وَلَوۡ شَآءَ ٱللَّهُ لَأَنزَلَ مَلَٰٓئِكَةٗ مَّا سَمِعۡنَا بِهَٰذَا فِيٓ ءَابَآئِنَا ٱلۡأَوَّلِينَ ٢٤
तो उनकी जाति के उन प्रमुखों ने कहा, जिन्होंने कुफ़्र किया : यह तो तुम्हारे ही जैसा एक मनुष्य है। जो चाहता है कि तुमपर वरीयता प्राप्त कर ले। और यदि अल्लाह चाहता, तो अवश्य कोई फ़रिश्ते उतार देता। हमने यह7 अपने पहले बाप-दादा में नहीं सुना।
फ़ुटनोट
7 अर्थात एकेश्वरवाद की बात अपने पूर्वजों के समय में सुनी ही नहीं।
तफ़सीर
तो उनकी जाति के अशराफिया एवं प्रमुख लोगों ने, जिन्होंने अल्लाह का इनकार किया था, अपने अनुयायियों और आम लोगों से कहा : यह आदमी, जो रसूल होने का दावा करता है, तुम्हारे ही जैसा एक इनसान है, जो तुमपर सरदारी और संप्रभुता चाहता है। अगर अल्लाह हमारे पास कोई रसूल भेजना चाहता, तो अवश्य उसे फ़रिश्तों में से भेजता, उसे मनुष्यों में से नहीं भेजता। हमने अपने पहले के पूर्वजों में इस प्रकार की दावेदारी नहीं सुनी।