وَمَن يَدۡعُ مَعَ ٱللَّهِ إِلَٰهًا ءَاخَرَ لَا بُرۡهَٰنَ لَهُۥ بِهِۦ فَإِنَّمَا حِسَابُهُۥ عِندَ رَبِّهِۦٓۚ إِنَّهُۥ لَا يُفۡلِحُ ٱلۡكَٰفِرُونَ ١١٧
और जो (भी) अल्लाह के साथ किसी अन्य पूज्य को पुकारे, जिसका उसके पास कोई प्रमाण नहीं, तो उसका हिसाब केवल उसके पालनहार के पास है। निःसंदेह काफ़िर लोग सफल नहीं होंगे।31
फ़ुटनोट
31 अर्थात परलोक में उन्हें सफलता प्राप्त नहीं होगी, और न मुक्ति ही मिलेगी।
तफ़सीर
और जो व्यक्ति अल्लाह के साथ किसी अन्य पूज्य को पुकारे, जिसके पूजा के योग्य होने का उसके पास कोई प्रमाण नहीं है (और अल्लाह के अलावा हर पूज्य का यही मामला है), तो उसके बुरे कर्म का बदला उसके पालनहार के पास है। चुनाँचे वही उसे इसपर यातना से दो चार करेगा। निश्चय काफ़िर लोग अपनी अपेक्षित चीज़ों को प्राप्त करने और अप्रिय चीज़ों से मुक्ति पाने में सफल नहीं होंगे।