يَوۡمَ يَبۡعَثُهُمُ ٱللَّهُ جَمِيعٗا فَيَحۡلِفُونَ لَهُۥ كَمَا يَحۡلِفُونَ لَكُمۡ وَيَحۡسَبُونَ أَنَّهُمۡ عَلَىٰ شَيۡءٍۚ أَلَآ إِنَّهُمۡ هُمُ ٱلۡكَٰذِبُونَ ١٨
जिस दिन अल्लाह उन सब को उठाएगा, तो वे उसके सामने क़समें खाएँगे, जिस तरह तुम्हारे सामने क़समें खाते हैं। और वे समझेंगे कि वे किसी चीज़ (आधार)11 पर (क़ायम) हैं। सुन लो! निश्चय वही झूठे हैं।
फ़ुटनोट
11 अर्थात उन्हें अपनी क़सम का कुछ लाभ मिल जाएगा जैसे दुनिया में मिलता रहा।
तफ़सीर
जिस दिन अल्लाह उन सबको बदले के लिए पुनर्जीवित करके उठाएगा, उनमें से किसी को भी नहीं छोड़ेगा, तो वे अल्लाह के सामने क़समें खाएँगे कि वे कुफ़्र और निफ़ाक़ पर नहीं थे। बल्कि, वे अल्लाह को प्रसन्न करने वाले काम करने वाले मोमिन थे। वे आख़िरत में अल्लाह के सामने क़समें खाएँगे, जैसे कि वे दुनिया में (ऐ मोमिनो) तुम्हारे सामने कसमें खाकर कहते थे कि वे मुसलमान हैं। वे समझेंगे कि इन क़समों की वजह से जो वे अल्लाह के सामने खा रहे हैं, किसी ऐसे आधार पर हैं, जो उन्हें कोई लाभ पहुँचाएगा, या उनसे कोई नुकसान दूर कर देगा। सुन लो, वे वही हैं जो वास्तव में दुनिया में भी अपनी क़समों में तथा आखिरत में भी अपनी क़समों में झूठे हैं।