सूरह Al-Imran, आयत 38

3:38

هُنَالِكَ دَعَا زَكَرِيَّا رَبَّهُۥۖ قَالَ رَبِّ هَبۡ لِي مِن لَّدُنكَ ذُرِّيَّةٗ طَيِّبَةًۖ إِنَّكَ سَمِيعُ ٱلدُّعَآءِ ٣٨

वहीं ज़करिय्या ने अपने पालनहार से प्रार्थना की, कहा : ऐ मेरे पालनहार! मुझे अपनी ओर से एक पवित्र संतान प्रदान कर। निःसंदेह तू ही प्रार्थना को बहुत सुनने वाला है।

तफ़सीर

उसी समय, जब ज़करिय्या ने मरयम बिन्त इमरान के पास जीविका में अल्लाह के सामान्य नियम के विपरीत अल्लाह की जीविका देखी, तो उनके अंदर यह आशा पैदा हुई कि उनकी वृद्धावस्था और उनकी पत्नी के बाँझपन की स्थिति के बावजूद अल्लाह उन्हें संतान दे सकता है। चुनाँचे उन्होंने प्रार्थना की : ऐ मेरे पालनहार! मुझे एक अच्छी संतान प्रदान कर। निःसंदेह तू प्रार्थना करने वाले की प्रार्थना सुनने वाला और उसे क़बूल करने वाला है।