إِلَّا مَنِ ٱسۡتَرَقَ ٱلسَّمۡعَ فَأَتۡبَعَهُۥ شِهَابٞ مُّبِينٞ ١٨
परंतु जो (शैतान) चोरी-छिपे सुनना चाहे, तो एक स्पष्ट ज्वाला (उल्का) उसका पीछा5 करती है।
फ़ुटनोट
5 शैतान चोरी से फ़रिश्तों की बात सुनने का प्रयास करते हैं। तो ज्वलंत उल्का उन्हें मारता है। अधिक विवरण के लिए, देखिए : सूरतुल-मुल्क, आयत : 5)
तफ़सीर
परंतु जो निकटवर्ती फ़रिश्तों (मलए-आला) की बात चुपके से सुन ले, तो एक चमकदार ज्वाला (उल्का) उसका पीछा करती है और उसे जला देती है।