مَا قَطَعۡتُم مِّن لِّينَةٍ أَوۡ تَرَكۡتُمُوهَا قَآئِمَةً عَلَىٰٓ أُصُولِهَا فَبِإِذۡنِ ٱللَّهِ وَلِيُخۡزِيَ ٱلۡفَٰسِقِينَ ٥
(ऐ मुसलमानो!) तुमने जो भी खजूर के पेड़ काटे3 या उन्हें अपने तनों पर खड़ा रहने दिया, वह अल्लाह के आदेश से हुआ और ताकि अल्लाह अवज्ञाकारियों को अपमानित करे।
फ़ुटनोट
3 बनी नज़ीर के घेराव के समय नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के आदेशानुसार उनके खजूरों के कुछ वृक्ष जला दिए गए और काट दिए गए और कुछ छोड़ दिए गए। ताकि शत्रु की आड़ को समाप्त किया जाए। इस आयत में उसी का वर्णन किया गया है। (सह़ीह़ बुख़ारी : 4884)
तफ़सीर
तुमने (ऐ मोमिनो के समुदाय) बनी नज़ीर के युद्ध के दौरान, अल्लाह के दुश्मनों को भड़काने के लिए जो भी खजूर के पेड़ काटे या जो पेड़ उनके तनों पर खड़े छोड़ दिए ताकि उनसे लाभ उठाओ, वह अल्लाह के आदेश से था। वह धरती में बिगाड़ पैदा करना नहीं था, जैसा कि उन्होंने दावा किया है। यह सब इसलिए हुआ ताकि अल्लाह अपनी अवज्ञा से निकल जाने वाले उन यहूदियों को अपमानित करे, जिन्होंने वचन तोड़ा और वफादारी के रास्ते को त्यागकर विश्वासघात का रास्ता चुना।